सोमवार, 23 अक्टूबर 2017

Freakonomics

                                                            फ़्रीकोनॉमिक्स
                            लेखक-
                            स्टीवन डी. लेविट :शिकागो यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर
                            स्टीफन जे.डबनर : "न्यूयॉर्क टाइम्स" में लेखक
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"फ़्रीकोनॉमिक्स" नाम देखकर मुझे लगा था कि यह कोई इकोनॉमिक्स का ज्ञान बाँटने वाली किताब होगी, परन्तु जब इसको पढ़ना शुरू किया तो पता चला कि यह तो बहुत शानदार जासूसी उपन्यास है|
             इस किताब को पढ़ने से हमें पता चलता है कि 1960-2000 के बीच अमेरिका में अपराध किस तरह और क्यों पनप रहा था , किस तरह के अपराधी बन रहे थे और फिर 1990  के बाद अचानक से अपराध कैसे कम होने लगा |
               सबकुछ इसमें आंकड़ों और तथ्यों के दम पर बताया गया है कि किसी घटना को लेकर हम जो अपने दिमाग में अनुमान लगाते हैं वह किस हद तक सही होता है या फिर सच्चाई हमारे दिमाग से अभी भी कोसों दूर होती है|
            अगर कोई अपराध , गैंगस्टर  और जासूसी में जिज्ञासा रखता है तो उसे " फ़्रीकोनॉमिक्स " ज़रूर पढ़नी चाहिए | यह आधुनिक सोच का बेमिसाल नमूना है | 
             इस किताब में बताया गया है कि पेरेंट्स अपने बच्चो को कामयाब बनाने के लिए किस किस तरह के प्रयत्न करते हैं और जो बच्चे बड़े होकर अपराधी बनते हैं उनकी परवरिश किस तरह कि होती है |
             इस किताब को पढ़ने का सबसे सही फायदा यह है कि हम अपने आप से ढ़ेर सारे सवाल पूछने लगते हैं | उनमे से बहुत से सवालों का कुछ निष्कर्ष नहीं निकलता लेकिन कुछ के जवाब ज़रूर मिलते हैं जो बहुत ही  रोचक होते हैं |
                  अंत में बस इतना कहूंगा कि यदि हमें आज कि सोच को कुछ अलग तरीके से समझना है तो "फ़्रीकोनॉमिक्स" ज़रूर पढ़नी चाहिए | यह पुस्तक जीवन कि पहेलियों को सुलझाकर आपको दुनिया देखने का एक नया नज़रिया देगी |